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लखीमपुर खीरी में बांग्लादेशी विस्थापित परिवारों का स्थायी पुनर्वास: जानें पूरी खबर!

✍️ Satish Kumar 📅 April 03, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मानवता का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। दशकों पहले बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी जिले में न केवल स्थायी रूप से बसाया गया है, बल्कि उन्हें आजीविका और सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया है। यह पहल इन परिवारों के जीवन में एक नई सुबह लेकर आई है, जो वर्षों से बेहतर भविष्य की तलाश में थे।

बांग्लादेशी विस्थापित परिवारों का पुनर्वास
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विस्थापितों को मिला नया ठिकाना: लखीमपुर खीरी की पहल

लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के विजन को साकार करते हुए इन 331 परिवारों को जिले की विभिन्न तहसीलों के गांवों में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। इनमें धौरहरा तहसील का सुजानपुर गांव (97 परिवार), मोहम्मदी तहसील के ग्राम मोहनपुर ग्रन्ट (41 परिवार) और मियांपुर गांव (सर्वाधिक 156 परिवार) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में भी 37 परिवारों का पुनर्वास किया गया है। ये सभी परिवार अब यहीं स्थायी निवासी के रूप में रह रहे हैं और समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बन चुके हैं।

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आजीविका का आधार: खेती के लिए जमीन का आवंटन

इन परिवारों को केवल बसाया ही नहीं गया, बल्कि उनकी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए कृषि भूमि भी आवंटित की गई है। यह कदम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है:

  • गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3: यहां बसे 37 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 3 एकड़ कृषि भूमि दी गई है।
  • धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव: इस गांव में 60 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 1.620 हेक्टेयर (लगभग 4 एकड़) और 37 परिवारों को प्रति परिवार करीब 0.607 हेक्टेयर (लगभग 1.5 एकड़) जमीन मिली है।
  • मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट: यहां 15 परिवारों को प्रति परिवार 3 एकड़, 9 परिवारों को प्रति परिवार 7 एकड़ और 17 परिवारों को प्रति परिवार 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा दिया गया है।
  • मियांपुर गांव: यहां बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ जमीन दी गई है।

इस पहल से ये परिवार खेती-किसानी कर अपनी आय अर्जित कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।

सरकारी योजनाओं का लाभ: एक समग्र विकास मॉडल

प्रशासन का कहना है कि यह केवल जमीन आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। पात्रता के आधार पर इन्हें निम्नलिखित योजनाओं से जोड़ा गया है:

  • मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: किसानों को दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: छोटे और सीमांत किसानों को आय सहायता।
  • उज्ज्वला योजना: गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन।
  • किसान क्रेडिट कार्ड: किसानों को आसान ऋण सुविधा।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना: बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का घर।
  • विधवा और वृद्धावस्था पेंशन: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा।
  • सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु बचत योजना।
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विवाह में सहायता।

इनके अलावा, राशन वितरण, टीकाकरण अभियान, मनरेगा के तहत रोजगार, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी बुनियादी सुविधाएं भी इन गांवों तक पहुंचाई गई हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आया है।

जिलाधिकारी का बयान

लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन 331 हिंदू परिवारों को जिले की तीन तहसीलों में सफलतापूर्वक बसाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन परिवारों को न केवल कृषि योग्य जमीन दी गई है, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार की सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया गया है। यह सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. प्रश्न: लखीमपुर खीरी में कितने विस्थापित परिवारों को बसाया गया है? उत्तर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए कुल 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी जिले में स्थायी रूप से बसाया गया है।
  2. प्रश्न: इन परिवारों को क्या-क्या सुविधाएं प्रदान की गई हैं? उत्तर: इन परिवारों को कृषि योग्य भूमि आवंटित करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं जैसे राशन, टीकाकरण और सड़क निर्माण पर भी ध्यान दिया गया है।
  3. प्रश्न: इन परिवारों को किस उद्देश्य से जमीन दी गई है? उत्तर: इन विस्थापित परिवारों को खेती कर अपनी आजीविका चलाने और आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से कृषि भूमि का आवंटन किया गया है, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

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